Swami Vivekananda Quotes: स्वामी विवेकानंद के ये 10 अनमोल विचार बदल देंगे आपकी जिंदगी

Swami Vivekananda Quotes: स्वामी विवेकानंद के ये 10 अनमोल विचार बदल देंगे आपकी जिंदगी

स्वामी विवेकानंद (swami vivekananda) विश्व के महानतम आध्यात्मिक गुरुओं में से एक थे। उनके महान विचारों ने कई लोगों की जिंदगी बदली और लोगों को बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया है। स्वामी विवेकानंद की आज रविवार 04 जुलाई को पुण्यतिथि (Swami Vivekananda Punyatithi)  है। 4 जुलाई 1902 स्वामी विवेकानंद का निधन हुआ था। विवेकानंद ने भले ही महज 39 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। लेकिन उनकी दी हुई सीख और उनके अनमोल विचार (swami vivekananda quotes) हमेशा के लिए अमर हो गए। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को ब्रिटिश-भारत में कलकत्ता में हुआ था। उनका नाम नरेंद्र नाथ दत्त था।

नरेंद्र नाथ दत्त कैसे बने स्वामी विवेकानंद
स्वामी विवेकानंद का नाम उनके परिवार वालों ने नरेंद्र नाथ दत्त रखा था। वह कम उम्र से ही उन्हें धर्म, आध्यात्मिकता और भिक्षु-हुड को लेकर बहुत गहरी दिलचस्पी थी। छोटे से उम्र से वह दर्शन, धर्म, अध्यात्म, साहित्य और इतिहास जैसे कई गंभीर विषयों को पढ़ते थे। उन्होंने बाद में इन सभी विषयों में महारथ हासिल की।

नरेंद्र नाथ दत्त अपनी युवावस्था में भारतीय रहस्यवादी रामकृष्ण परमहंस से मिले थे। रामकृष्ण परमहंस की शिक्षा और बातों ने नरेंद्र नाथ दत्त को बहुत अधिक प्रभावित किया या यूं कह लें कि मोहित कर लिया था। इसलिए बाद में नरेंद्र नाथ दत्त रामकृष्ण परमहंस के शिष्य बन गए। महाराजा अजीत सिंह के अनुरोध पर 1893 नरेंद्र नाथ दत्त ने ‘विवेकानंद’ नाम लिया। आइए स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उनके कुछ प्रेरक विचार जानते हैं।

‘मैं उस प्रभु का सेवक हूं, जिसे अज्ञानी लोग मनुष्य कहते हैं’
1. स्वामी विवेकानंद ने कहा था- ”मैं उस प्रभु का सेवक हूं, जिसे अज्ञानी लोग मनुष्य कहते हैं।”

2. ‘अच्छा होना और अच्छा करना, यही धर्म है।’

3. ”क्या तुम नहीं अनुभव करते कि दूसरों के ऊपर निर्भर रहना बुद्धिमानी नहीं है। बुद्धिमान व्यक्ति को अपने ही पैरों पर खड़े होकर कार्य करना चाहिए…धीरे-धीरे सबकुछ ठीक हो जाएगा।”

4. ”अगर आपके दिल और दिमाग के बीच संघर्ष चल रहा हो, तो हमेशा दिल की सनो।”

5. ”केवल उन्ही का जीवन, जीवन है, जो दूसरों के लिए जीते हैं, अन्य सब तो जीवित होने से अधिक मृत हैं।”

 

‘उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए’
6. ”उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए।”

7. ”जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आए, आप सुनिश्चित हो सकते हैं, कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।”

8.”जितना कठिन संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।”

9. ”आप जैसा सोचोगे, वैसा ही बनोगे। अगर आप खुद को कमजोर सोचोगे तो कमजोर बनोगे और अगर आप खुद को मजबूत सोचोगे तो मजबूत बनोगे।”

10.”मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है, मानवता ही धर्म का आधार है।”

Amit Singh

Amit Singh

अमित सिंह, सच भारत में राजनीति और मनोरंजन सेक्शन लीड कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 5 साल का अनुभव है। इन्हें राजनीति और मनोरंजन क्षेत्र कवर करने का अच्छा अनुभव रहा है।थियेटर एक्टर रह चुके अमित ने टीवी से लेकर अखबार और देश की विभिन्न विख्यात वेबसाइट्स के साथ काम किया है।इन्होंने राष्ट्रीय स्तर की दर्जनों शख्सियतों का वीडियो और प्रिंट इंटरव्यू भी लिया है।अमित सिंह ने अपनी स्कूली शिक्षा लखनऊ से प्राप्त करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से टीवी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है।

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