जानिए क्यों FMCG कंपनियों के आए अच्छे दिन, बिक्री में आई भारी उछाल
कोरोना के मामलों में कमी आने के साथ ही सभी राज्य लॉकडाउन में ढील दे रहे हैं। सामान्य जिंदगी में वापसी के साथ ही व्यापार को भी फायदा पहुंचना शुरू हो गया है। फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स यानी की FMCG बाजार को भी इसका अच्छा फायदा मिल रहा है। इस बाजार में भी तेजी से सुधार आ रहा है। सामने आए आंकड़ों के अनुसार मई के मुकाबले में जून के शुरुआती दो सप्ताह में FMCG की बिक्री में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।
Bizom की ताजा स्टडी के मुताबिक, इस बिक्री में तेजी की एक वजह जून माह में फिर से खुले किराना स्टोर्स की संख्या में 28 फीसदी की वृद्धि भी है। Bizom देश में 75 लाख रिटेल स्टोर्स की बिक्री पर नजर रखती है।
पारले प्रॉडक्ट्स में सीनियर कैटेगरी हेड कृष्णराव बुद्ध ने कहा कि हम कम से कम दिवाली तक ग्रोथ बने रहने की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे फिर खुल रही है। इसके अलावा मानसून सीजन भी सभी कैटेगरी में मांग के मामले में अच्छा साबित होता है। साउथ वेस्ट मानसून जून से सितंबर तक रहता है।।
गावों में लॉकडाउन के पहले वाले स्तरों पर पहुंच रही खपत
कंपनियों का कहना है कि गांवों में रोजमर्रा की चीजों और अन्य जरूरी चीजों की खपत लॉकडाउन के पहले वाले स्तरों पर लौट रही है। डाबर के मुताबिक, कई राज्य
अनलॉक कर रहे हैं और स्थानीय बाजार फिर से खुल रहे हैं। इसलिए ग्राहक मांग में तेजी दिख रही है, विशेषकर च्यवनप्राश, शहद और इम्यूनिटी बिल्ड करने वाले आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट्स के लिए।
देश में अप्रैल में कुछ बाजारों में स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन शुरू हुआ था। फिर जैसे-जैसे कोविड19 की दूसरी लहर का असर तेज हुआ 24 से ज्यादा राज्यों ने मई में प्रतिबंध कड़े कर दिए और नाइट कर्फ्यू भी लगा दिया। इसके चलते एफएमसीजी मार्केट एक तिहाई गिर गया। Bizom का स्वामित्व रखने वाली कंपनी मोबिसी टेक्नोलॉजीस में चीफ मार्केटिंग अधिकारी अक्षय डिसूजा कहते हैं कि सभी कैटेगरी ने उच्च डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की है। जैसे-जैसे प्रतिबंधों में और ज्यादा ढील दी जाएगी, यह ग्रोथ और ज्यादा होगी। होमकेयर और पैकेज्ड फूड के मामले में तो ग्रोथ मार्च की तुलना में भी ज्यादा है, जब लॉकडाउन नहीं था।